बिहार के सुप्रसिद्ध सिद्धपीठ थावे भवानी मंदिर में हुई करोड़ों की चोरी के मामले में पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। वारदात के चार दिन बीत जाने के बाद पुलिस ने अब तक 35 संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे गुप्त स्थान पर गहन पूछताछ की जा रही है।
करोड़ों के स्वर्ण मुकुट पर चोरों ने किया हाथ साफ विदित हो कि बीती 17-18 दिसंबर की आधी रात को शातिर चोरों ने मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए गर्भगृह में प्रवेश किया था। चोरों ने माता रानी का लगभग 500 ग्राम वजनी सोने का मुकुट, चांदी के आभूषण और कीमती सामानों से भरा लॉकर चोरी कर लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, चोरी गए सामान की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 1.8 करोड़ रुपये के करीब आंकी गई है।
CCTV खंगाल रही 12 सदस्यीय SIT मामले के उद्भेदन के लिए पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में गठित 12 अलग-अलग टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। SIT की एक विशेष यूनिट मंदिर परिसर, पार्किंग और गोपालगंज से सटे अंतरराज्यीय बॉर्डर्स पर लगे 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को स्कैन कर रही है। सूत्रों की मानें तो पुलिस को कुछ संदिग्ध चेहरों और एक सफेद रंग की एसयूवी (SUV) के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।
एक लाख रुपये के इनाम की घोषणा पुलिस महानिरीक्षक (IG) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अपराधियों की सूचना देने वाले के लिए ₹1,00,000 के इनाम की घोषणा की है। पुलिस को संदेह है कि इस कांड में किसी पेशेवर अंतरराज्यीय गिरोह का हाथ हो सकता है, जिसने रेकी करने के बाद इस घटना को अंजाम दिया।
मंदिर की सुरक्षा पर उठे सवाल इतने संवेदनशील और वीआईपी मंदिर में हुई इस बड़ी चोरी ने स्थानीय प्रशासन और मंदिर प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। पुलिस प्रशासन का दावा है कि बहुत जल्द अपराधी सलाखों के पीछे होंगे और चोरी किए गए आभूषण बरामद कर लिए जाएंगे।