भारतीय रेलवे ने हाल ही में लंबी दूरी की ट्रेनों के किराये में बढ़ोतरी की घोषणा की है, जो 26 दिसंबर 2025 से लागू होने जा रही है।
यहाँ इस बदलाव की मुख्य बातें दी गई हैं:
1. किन श्रेणियों में कितना बढ़ा किराया?
रेलवे ने दूरी के आधार पर "पैसे प्रति किलोमीटर" के हिसाब से किराया बढ़ाया है:
- स्लीपर और जनरल (मेल/एक्सप्रेस): इनमें 2 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी की गई है।
- AC क्लास (3A, 2A, 1A): इनमें भी 2 पैसे प्रति किलोमीटर की बढ़ोतरी हुई है।
- साधारण पैसेंजर ट्रेन (Ordinary Class): 215 किमी से अधिक की यात्रा पर 1 पैसा प्रति किलोमीटर बढ़ेगा।
2. मुंबई और कोलकाता जैसी लंबी यात्रा पर असर
चूंकि मुंबई और कोलकाता की यात्रा लंबी दूरी (जैसे पटना या दिल्ली से 1000-1500 किमी से अधिक) की होती है, इसलिए यहाँ किराये में सीधा असर दिखेगा:
- उदाहरण के लिए, अगर आप 500 किमी की यात्रा करते हैं, तो आपको लगभग 10 रुपये अतिरिक्त देने होंगे।
- पटना से मुंबई (लगभग 1700 किमी) जैसी लंबी यात्रा के लिए स्लीपर क्लास में लगभग 30-35 रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है।
3. किन्हें राहत मिली है?
रेलवे ने आम जनता और रोजमर्रा के यात्रियों का ध्यान रखते हुए कुछ रियायतें भी दी हैं:
- लोकल (Suburban) ट्रेन: इनके किराये में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
- MST (मंथली पास): मासिक सीजन टिकट की कीमतें पहले जैसी ही रहेंगी।
- छोटी दूरी: साधारण श्रेणी में 215 किलोमीटर तक की यात्रा पर कोई किराया नहीं बढ़ाया गया है।
किराये में बढ़ोतरी का कारण
रेलवे का कहना है कि परिचालन लागत (operational cost) और मैनपावर (कर्मचारियों और पेंशन) के बढ़ते खर्चों को संतुलित करने के लिए यह "मामूली" वृद्धि की गई है। इससे रेलवे को सालाना करीब 600 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई होने का अनुमान है।

