बिहार के छपरा से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने एक ऐसे जालसाज को गिरफ्तार किया है जिसकी हिम्मत देखकर अधिकारी भी दंग रह गए।
क्या है पूरा मामला?
छपरा के जिलाधिकारी (DM) वैभव श्रीवास्तव अपने चैंबर में काम कर रहे थे, तभी एक युवक उनसे मिलने पहुंचा। उसने अपना परिचय 2022 बैच के IAS अधिकारी के रूप में दिया और बताया कि वह वर्तमान में उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में नगर आयुक्त (Municipal Commissioner) के पद पर तैनात है।
कैसे खुली पोल?
बातों-बातों में जिलाधिकारी को युवक की बॉडी लैंग्वेज और उसके बात करने के तरीके पर शक हुआ। जब उससे बैच और सर्विस से जुड़े कुछ कड़े सवाल पूछे गए, तो वह सकपकाने लगा। शक गहराने पर जब पुलिस को बुलाया गया और कड़ाई से पूछताछ हुई, तो सारा राज खुल गया।
गिरफ्तारी और पहचान:
पकड़े गए फर्जी आईएएस की पहचान रितेश कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे तुरंत गिरफ्तार कर लिया है और यह जांच की जा रही है कि उसने अब तक इस फर्जी पहचान के जरिए कितने लोगों को ठगा है।
सावधान रहें!
ऐसे शातिर अपराधियों से बचें जो रसूख दिखाकर काम कराने का झांसा देते हैं। छपरा प्रशासन की मुस्तैदी ने एक बड़े जालसाज को बेनकाब कर दिया है।

