मोतिहारी/रक्सौल: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों ने अवैध घुसपैठ की एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया है। मोतिहारी पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की 47वीं बटालियन ने एक संयुक्त ऑपरेशन के दौरान रक्सौल के हरैया थाना क्षेत्र से तीन बांग्लादेशी नागरिकों और उन्हें सीमा पार कराने वाले एक भारतीय सहयोगी को धर दबोचा।
मैत्री पुल के पास हुई गिरफ्तारी
मिली जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई 31 दिसंबर 2025 की रात करीब 9:00 बजे की गई। गुप्त सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने मैत्री ब्रिज (रक्सौल बॉर्डर) पर घेराबंदी की थी। नेपाल से भारत की ओर पैदल आ रहे चार संदिग्धों को जब रोका गया, तो वे वैध यात्रा दस्तावेज (वीजा) दिखाने में विफल रहे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों के नाम निम्नलिखित हैं:
- मो० शाहिनुर रहमान: पिता– मो० बिलाल हुसैन (जिला– जेशोरे, बांग्लादेश)। (बताया जा रहा है कि यह पहले श्रीलंका और मिस्र की यात्रा भी कर चुका है)।
- मो० सोबुज: पिता– मो० अब्दुल मुनाफ (जिला– भोला, बांग्लादेश)।
- मो० फिरोज: पिता– मो० मोजम्मेल हाउलादार (जिला– बगेर्हत, बांग्लादेश)।
- मो० सरफराज अंसारी (भारतीय सहयोगी): निवासी– चनपटिया, पश्चिमी चंपारण (बेतिया)।
बरामदगी का विवरण
तलाशी के दौरान इनके पास से चार देशों की करेंसी और अन्य सामान मिला है:
- विदेशी मुद्रा: 33,020 नेपाली रुपये, 1,000 बांग्लादेशी टका, और 02 अमेरिकन डॉलर।
- भारतीय मुद्रा: 2,000 रुपये।
- दस्तावेज: 03 बांग्लादेशी पासपोर्ट।
- गैजेट्स: 04 मोबाइल फोन।
सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी चिंता
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि ये तीनों बांग्लादेशी नागरिक टूरिस्ट वीजा पर नेपाल आए थे। वहां उनकी मुलाकात सरफराज अंसारी से हुई, जो उन्हें बिहार के रास्ते भारत के अन्य शहरों (जैसे गोरखपुर और चेन्नई) में ले जाने की फिराक में था।
सुरक्षा एजेंसियां (IB और ATS) अब इस बात की जांच कर रही हैं कि इस घुसपैठ के पीछे कोई बड़ी साजिश या नेटवर्क तो नहीं है। फिलहाल, हरैया थाना पुलिस ने विदेशी अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

